Gond katira ke fayde aur nuksan|Gond katira Benefits & Side Effects in Hindi

 गोंद कतीरा के फायदे और नुकसान |Gond katira Benefits & Side Effects in Hindi

Table of Contents

आयुर्वेद के अनुसार गोंद कतीरा एक विशेष प्रकार के पेड़ में चीरा लगाकर उसमे से निकलने वाले हल्के सफ़ेद पिले रंग के चिपचिपे पदार्थ को सुखाकर तैयार किया जाता है।
 पेड़ से निकलने के कारण उसमें पेड़ के सभी गुण विद्यमान रहते हैं।गोंद कतीरा में भरपूर मात्रा में विटामिन्स ,प्रोटीन, कैल्सियम, आयरन और फोलिक एसिड पाया जाता है।जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है।

गोंद कतीरा क्या होता है ?

गोंद कतीरा एक विशेष प्रकार का चिपचिपा पदार्थ होता है।जो बबूल और कीकर की छाल को काटने पर निकलता है।यह हल्के सफेद पिले रंग का होता है ।
इसमें शरीर को स्वस्थ रहने के लिये फोलिक एसिड, कैल्सियम, प्रोटीन,आयरन और विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
 इसकी तासीर ठंडी होती है इस लिये इसका सेवन गर्मियों में किया जाता है।गोंद कतीरा पंजाब,हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में बहुतायत से पाया जाता है।

गोंद कितने प्रकार की होती है?

नीम का गोंद

इसमें एंटीसेप्टिक गुण पाया जाता है चोट के घाव को जल्दी ठीक कर देता है। नीम के गोद मे रक्त को शुद्ध करने का भी गुण पाया जाता है ।
इसका सेवन करने से यह शरीर में रक्त की गति को बढ़ाने के साथ – साथ शरीर को ताकत और स्फूर्ति देता है।यह चर्म रोगों में भी लाभ करता है।

हींग का गोंद

यह एक प्रकार का हींग के पौधे की जड़ में चीरा लगाकर उसमें से निकलने वाले दूध से तैयार होता है।आयुर्वेद में इसका प्रयोग पेट से सम्बंधित बीमारियों को दूर करने में किया जाता है।
 

आम का गोंद

यह आम की शाखाओं और पेड़ों की छाल को काटने से निकलता है।आयुर्वेद में इसका प्रयोग फोड़े फुंसी और चर्म रोगों को दूर करने में किया जाता है।

बबूल या कीककर का गोंद

इसका गोंद भी इसके पेड़ और डालियों में चिरा लगाकर प्राप्त किया जाता है ।इसके गोंद में भरपूर मात्रा में कैल्शियम, विटामिन्स ,प्रोटीन ,आयरन और फोलिक एसिड पाया जाता है जो शरीर को ताकत प्रदान करता है।

पलास का गोंद

यह गोंद पलास के पेड़ और  डालियों में चीरा लगाकर निकल जाता है। इसे कमरकस भी कहा जाता है।इसका प्रयोग डिलीवरी के बाद महिलाओं की कमर में आयी कमजोरी को दूर करने के लिए किया जाता है

गोंद और गोंद कतीरा में अंतर |गोंद कतीरा और गोंद में क्या फर्क है?

1 – गोंद कतीरा हल्का सफेद पीले रंग का होता है।जबकि गोंद हल्का भूरा और चमकदार होता है।
2 – गोंद कतीरा में पानी डालने पर वह फूलकर क्रिस्टल की तरह हो जाता है।जबकि गोंद में पानी डालने पर वह पूरी तरह से घुल जाता है।
3 –  गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है।जबकि गोंद की तासीर गर्म होती है।
4 – गोंद कतीरा का सेवन गर्मियों में किया जाता है।जबकि गोंद का सेवन ठंडी के मौसम में किया जाता है।

गोंद कतीरा की तासीर क्या होती है?

गोंद कतीरा बबूल या कीकर के पेड़ में चीरा लगाकर निकाला जाता है । इसकी तासीर ठंडी होती है।इस लिए इसका सेवन गर्मियों के मौसम में किया जाता है।इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है।

गोंद कतीरा कहाँ मिलता है?

गोंद कतीरा को बबूल और, कीकर के पेड़ की छाल को काटने  या चीरा लगाने से उसमें एक प्रकार का हल्का सफेद या पिले रंग द्रव निकलता है जो सूख कर कड़ा हो जाता है इसी को गोंद कतीरा कहते हैं।गोंद कतीरा भारत, ईरान,अफगानिस्तान आदि देशों में पाया जाता है।

गोंद कतीरा की पहचान

गोंद कतीरा कांटेदार पेड़ से निकाला जाने वाला एक तरल पदार्थ होता है जो काँटेदार बृक्षों की शाखाओं में चीरा लगाकर प्राप्त किया जाता है।
यह देखने मे हल्का सफेद पिले रंग का होता है।इसकी तासीर ठंडी होती है।इसका मुख्य पहचान यह है कि गोंद कतीरा में पानी डालने से यह क्रिस्टल या जेली की तरह हो जाता है।

गोंद कतीरा के फायदे (Gond katira Benefits in Hindi)

गोंद कतीरा का सेवन करने से बहुत से फायदे होते हैं जो इस प्रकार से हैं – 

ववासीर रोग में गोंद कतीरा के फायदे

जो लोग कब्ज होने के कारण हमेशा बबासीर रोग(Piles ) से परेशान 
रहते हैं उन  लोगों के लिए गोंद कतीरा का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है।
इसके लिए गोंद कतीरा को पीसकर उसका पावडर बना लें और रात को सोते समय एक गिलास दूध में एक चम्मच कतीरा पाउडर को मिलाकर सेवन करने से पेट बिल्कुल साफ हो जाता है और बबासीर रोग ठीक हो जाता है।
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गोंद कतीरा के फायदे धातु रोग में

जिन लोगों के पेट मे गर्मी ज्यादा होती है और उसकी वजह वे हमेशा धातु गिरने की शिकायत किया करते हैं।उन्हें गोंद कतीरा का सेवन जरूर करना चाहिए।क्योंकि गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है।
इसके लिए एक चम्मच गोंद कतीरा को एक गिलास पानी मे भिगो दें। और सुबह पानी को निकाल कर अलग कर दे और उसमें मिश्री को मिलाकर सेवन करने से धातु गिरने की शिकायत दूर हो जाती है।

स्वप्नदोष को दूर करने में सहायक

जिन लोगों को रात को सोते समय स्वप्नदोष (Nightfall)हो जाया करता है।उन्हें गोंद कतीरा के पाउडर को दूध में मिलाकर सेवन करना चाहिए । इसके सेवन  से स्वप्नदोष की समस्या दूर हो जाती है।

मासिकधर्म की पीड़ा को दूर करने में सहायक

जिन महिलाओं को मासिकधर्म के दौरान बहुत अधिक ब्लीडिंग होती है, मासिकधर्म के समय बहुत दर्द का सामना करना पड़ता है या मासिकधर्म आनियमित होता है।
 तो ऐसी महिलाओं के लिए गोंद कतीरा का सेवन अमृत के समान गुणकारी होता है।
इसके लिए भीगे हुए गोंद कतीरा में मिश्री मिलाकर खाने से  मासिकधर्म की समस्या बहुत जल्द दूर हो जाती है।

कमजोरी को दूर करता है

यदि किसी कारणवश शरीर मे कमजोरी आ गयी हो तो गोंद कतीरा में नियमित प्रयोग से शरीर मे आयी कमजोरी शीघ्र दूर हो जाती है।
क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड,कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।
इसके लिए 10 ग्राम गोंद कतीरा  को एक गिलास पानी में रातभर के लिए भिगो दें ।और सुबह मिश्री को मिलाकर सेवन करे।

गर्मियों में लू से बचाव में फायदेमंद

जिन लोगो को गर्मियों में लू लगने के लगने का डर रहता है उन लोगो को गोंद कतीरा का सेवन जरूर करना चाहिये ।
इसके लिए 10 ग्राम गोंद कतीरा को एक गिलास पानी मे भिगो दें ।और उसमें मिश्री को मिलाकर शरबत बनाकर सेवन करें।

ब्लडप्रेशर को संतुलित करने में लाभदायक

यदि किसी का ब्लडप्रेशर हमेशा अनियमित रहता है तो उसके लिए गोंद कतीरा का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है।
इसके लिए 10 ग्राम गोंद कतीरा को भिगोकर उसमे मिश्री को मिलाकर शरबत  बनाकर सेवन करें।

जोड़ो के दर्द में लाभदायक

गोंद कतीरा में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है ।इस लिए जिन लोगो के घुटने में दर्द रहता है।उठने बैठने में घुटने से कड़ कड़ की आवाज आती है उनके लिए गोंद कतीरा का सेवन लाभकारी होता है।
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हाथ -पांव के जलन को दूर करने में लाभदायक

जिन लोगों के हाथ -पांव के तलुओं में जलन हुआ करता है उन लोगों को गोंद कतीरा का सेवन जरूर करना चाहिए।
इसके लिए 10 ग्राम गोंद कतीरा को एक गिलास पानी में रात को भिगो दें ।और उसमें मिश्री मिलाकर सेवन करने से हाथ -पांव की शीघ दूर हो जाती है।

स्तन के साइज को बढ़ाता है

जिन महिलाओं के स्तन का साइज कम होता है और वे अपने स्तन के आकार को बढ़ाना चाहती हैं उनके लिए गोंद कतीरा का सेवन जरूर करना चाहिए।इसके लिए गोंद कतीरा को भिगो कर दूध के सेवन करना चाहिये।

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है

जिन लोगो को रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है उन्हें कोई भी रोग बड़े आसानी से पकड़ लेता है।ऐसे लोगो को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गोंद कतीरा का सेवन बहुत ही लाभकारी होता है।

मुँह के छालों को दूर करता है

जो लोगो को पेट की गर्मी के कारण मुँह के छालों से हमेशा परेशान रहते हैं उनके लिए गोंद कतीरा का सेवन अत्यंत आवश्यक होता है। 
क्योंकि की गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है ।जो पेट की गर्मी को शांत करने में सहायक होता है।

पीलिया रोग में गोंद कतीरा (Gond katora in jaundice)

जिन लोगों को गर्मी में पित्त बढ़ने के कारण पीलिया ((Jaundice) रोग हो जाता हो जाता है उन्हें गोंद कतीरा के सेवन से बहुत लाभ मिलता है।
क्योंकि गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है ।जो शरीर में बढ़े हुए पित्त को शान्त कर पीलिया रोग को ठीक करता है।
इसके लिए 10 ग्राम गोंद कतीरा को रात में एक गिलास पानी मे भिगो दें।और सुबह उसमे मिश्री को मिलाकर सेवन करें।

गोंद कतीरा के साइड इफेक्ट |गोंद कतीरा के नुकसान (Gond katira Side Effect in Hindi)

गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है इसलिए पुरुषों को इसका अधिक सेवन करने से पहले एक योग्य वैद्य से परामर्श  जरूर लें।
गोंद कतीरा का प्रयोग करने से पहले पानी खूब पिये क्योंकि गोंद कतीरा पेट के अंदर जाकर पानी को सोख लेता है। जिससे आंतों के जाम होने का खतरा रहता है।
गर्भवती महिलाओं को या दूध पिलाने वाली महिलाओं को बिना वैद्य के परामर्श के गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

FAQ

Q• गोंद कतीरा के साथ अंडे खा सकते हैं?
Ans• गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है और अंडे की तासीर गर्म होती है।इसलिए दोनों को एक साथ नहीं खाना चाहिए। 
Q• गोंद कतीरा ठंडा में खाना चाहिए कि नहीं?
Ans• गोंद कतीरा को ठंड के मौसम में नहीं खाना चाहिए क्योंकि गोंद कतीरा की तासीर ठंडी होती है।
Q• बारिश में गोंद कतीरा का उपयोग कैसे करें?
Ans• रात को सोते समय एक गिलास पानी में 3 से 4 ग्राम गोंद कतीरा भिगो दें और सुबह उसमें स्वादानुसार मिश्री को मिलाकर उपयोग कर सकते हैं।
Q• गोंद कतीरा कौन सी बीमारी में काम आता है?
Ans• गोंद कतीरा बवासीर,स्वप्नदोष,कब्ज कमजोरी आदि बीमारियों को दूर करने में काम आती है।
Q• गोंद कतीरा की पहचान कैसे करें?
Ans• गोंद कतीरा देखने में हल्का सफेद पीले रंग का होता है।इसका मुख्य पहचान यह है कि गोंद कतीरा में पानी डालने से यह क्रिस्टल या जेली की तरह हो जाता है।
Q• गोंद कतीरा कब खाना चाहिए?
Ans• गोंद कतीरा को सदैव सुबह के समय खाना चाहिए।
इस आर्टिकल में हमने जानकारी दी कि Gond katira ke fayde aur nuksan (Gond katira Benefits & Side Effect in Hindi) गोंद कतीरा क्या होता है?,गोंद कतीरा की तासीर कैसी होती है?,गोंद कतीरा कहाँ पाया जाता है? ,गोंद कितने प्रकार की होती है?,गोंद कतीरा के फायदे धातु रोग में, गोंद कतीरा के फायदे बबासीर रोग में आदि ।

यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें कमेन्ट करके जरूर बताएं।

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